Major Mishap Averted in Rewari as Traffic Police Catch Drunk Tourist Bus Driver

Rewari के अंबेडकर चौक पर नशे में धुत बस चालक पकड़ा, ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

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Major Mishap Averted in Rewari as Traffic Police Catch Drunk Tourist Bus Driver

शहर में यातायात पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। शहर के अंबेडकर चौक पर एक वाईटीटीएस होलिडे टूरिस्ट बस को बेकाबू हालत में इधर-उधर चलते देख ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत उसे रुकवा लिया। बस को रोकते ही चालक स्टेयरिंग पर ही बेसुध होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बस से बाहर निकाला। चालक की हालत इतनी खराब थी कि वह ठीक से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। 


शराब की मात्रा जांचने के लिए भी उसे कई पुलिसकर्मियों का सहारा देना पड़ा। जांच में सामने आया कि चालक पूरी तरह नशे में धुत था। अल्कोहल टेस्ट में उसकी बॉडी में 30 मिलीग्राम की अनुमति सीमा के मुकाबले करीब 550 मिलीग्राम तक शराब पाई गई, जो बेहद अधिक मात्रा है। बताया जा रहा है कि यह बस चालक खाटू श्याम से श्रद्धालुओं को लेकर दिल्ली छोड़कर आया था। ऐसे में अगर समय रहते ट्रैफिक पुलिस उसे नहीं रोकती तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। 

बस में यात्रियों के अलावा शहर की व्यस्त सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों और राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। मौके पर पहुंचे शहर यातायात पुलिस निरीक्षक बलवंत सिंह ने चालक के खिलाफ 10 हजार रुपये का चालान काटा और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। ट्रैफिक इंचार्ज बलवंत सिंह ने बताया कि एसपी हेमेंद्र मीणा के निर्देश पर जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस द्वारा लगातार चेकिंग कर ऐसे चालकों पर कार्रवाई की जा रही है, ताकि सड़कों पर होने वाले हादसों को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि बस चालकों की जिम्मेदारी सबसे अधिक होती है, क्योंकि एक बस में सैकड़ों लोग सफर करते हैं। ऐसे में नशे में वाहन चलाना यात्रियों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। 

इससे पहले भी कई स्कूल बस चालकों के नशे में वाहन चलाने के मामले सामने आ चुके हैं, जिसे लेकर पुलिस गंभीर है। इस मामले को लेकर जब रेवाड़ी के एसपी हेमेंद्र मीणा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शराब पीकर बस या स्कूल वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं और आगे भी अभियान जारी रहेगा, ताकि सड़कों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।